
कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इसका एक उपयोगी विकल्प बायोमास पेलेट निर्माण (Biomass Pelletisation) है।
इस प्रक्रिया में उपयुक्त कृषि अवशेषों को छोटे, ठोस, बेलनाकार टुकड़ों में बदला जाता है, जिन्हें बायोमास पेलेट कहा जाता है। इसके लिए फसल के अवशेषों को इकट्ठा किया जाता है, साफ किया जाता है, आवश्यकतानुसार सुखाया जाता है और विशेष मशीनों से दबाकर पेलेट बनाए जाते हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य कृषि अवशेषों को उपयोगी ईंधन में बदलना है। इसकी सफलता कच्चे माल की उपलब्धता, तकनीक, लागत और स्थानीय सुविधाओं पर निर्भर करती है।
बायोमास को-फायरिंग (Biomass Co-firing) में उपयुक्त बिजली संयंत्रों में कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन के साथ बायोमास ईंधन का उपयोग किया जाता है।
बायोमास पेलेट के उपयोग से निम्नलिखित संभावनाएँ पैदा हो सकती हैं:
हालाँकि, वास्तविक पर्यावरणीय लाभ इस बात पर निर्भर करते हैं कि बायोमास कहाँ से आता है, उसे कैसे तैयार और परिवहन किया जाता है तथा संयंत्र में उसका उपयोग किस प्रकार होता है। इसके लिए उचित तकनीक, ईंधन की गुणवत्ता और लागू नियमों का पालन आवश्यक है।
कृषि अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अवसर पैदा कर सकता है।
ये लाभ तभी संभव हैं जब किसानों को उचित मूल्य, विश्वसनीय खरीदार, किफायती मशीनें और प्रभावी परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हों।
पोस्टर में भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) और SAMARTH पहल का उल्लेख है। यह पहल ताप विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग, जिसमें को-फायरिंग भी शामिल है, को बढ़ावा देने से जुड़ी है।
इस दिशा में किसानों, बायोमास संग्रहकर्ताओं, पेलेट निर्माताओं, परिवहन कंपनियों, बिजली संयंत्रों और संबंधित सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग महत्त्वपूर्ण है।
अधिक जानकारी के लिए पोस्टर पर दिया गया वेबसाइट पता देखें:
आधिकारिक वेबसाइट: https://samarth.powermin.gov.in/
पोस्टर में SAMARTH WhatsApp चैनल के लिए QR कोड भी दिया गया है, जिसे मूल पोस्टर से स्कैन करके उपलब्ध अपडेट देखे जा सकते हैं।
फसल और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मल्चिंग, कम्पोस्टिंग तथा अन्य उपयुक्त कृषि अवशेष प्रबंधन विधियाँ भी अपनाई जा सकती हैं।
कृषि अवशेष हमेशा बेकार कचरा नहीं होते। उचित तकनीक और प्रभावी व्यवस्था से इनका उपयोग ऊर्जा उत्पादन और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों में किया जा सकता है।
“Choose Productive Use” — कृषि अवशेषों का उत्पादक उपयोग चुनें।
ऊर्जावान कृषि, सशक्त भारत।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें मूल पोस्टर के संदेशों के साथ बायोमास पेलेट निर्माण और को-फायरिंग से संबंधित सामान्य जानकारी शामिल है। यह भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय या SAMARTH पहल की आधिकारिक अधिसूचना अथवा आधिकारिक सरकारी प्रकाशन नहीं है। बायोमास के उपयोग की उपयुक्तता और लाभ स्थानीय परिस्थितियों, तकनीक, लागत, ईंधन की गुणवत्ता तथा लागू नियमों पर निर्भर करते हैं। व्यावहारिक निर्णय लेने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों और योग्य विशेषज्ञों से सलाह लें।



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